Sunday, December 5, 2010

Sathi

तुमने चाहा ही नहीं हालातबदल सकते थे
तेरी आसूं मेरी आँखों से निकल सकते थे
तुम तो ठहरे रहे झील की पानी की तरह
दरिया बनते तो बहुत दूर निकल सकते थे
ज़ुबान ही सिर्फ एक दरिया नहीं
जो आप शब्दों को समझ पाएंगे
कभी आँखों में झांक कर देखिये
हजारों अल्फ़ाज़ खुद बा खुद विखर जायेंगे

Written by: - Harishchand V

Kya Likhun

 क्या लिखूं...?
तेरे आँखों में भरा प्यार का सागर लिखूं,
या तेरी मुस्कान में छुपा अपना  जीवन लिखूं 
चुप चुप कुछ बोलती ये तेरी साँसे लिखूं 
या तेरी आहट की छेदी हुई कोई धुन लिखूं !

तेरी आवाज को तरसते अपनी अरमान लिखूं 
या तेरी दीदार में अपना इंतजार लिखूं !

वो एक बीते पल, महीने साल लिखूं ,
या वो सदियों सी लम्बी रात लिखूं!

तेरे पास होने की ख़ुशी लिखूं,
या इस दूरी में गिरे मेरे आसूं   लिखूं

तुझे अपनी साँस लिखूं 
या अपनी धडकनों की सांस लिखूं 
क्या लिखूं 
या अपने  दिल मे बसा तेरे लिए प्यार लिखूं

Written by: - Harish Chand V.

Mohabbat

 मोहब्बत:-
:मोहब्बत में ना पड़ना मेरे  दोस्तों मोहब्बत में बस रुसवाई है....
पहले तो दिल आबाद रहेगा, आखिरी में तन्हाई है!

Wrriten by: -Harish chand V.

Saturday, December 4, 2010

Sad Shayari

  1.  
मोहब्बत मुझे थे उसी से ...सनम 
यादों में उसकी ये दिल तडपता रहा....
मौत भी चाहत को मेरे रोक न  सकी...
कबर में भी ये दिल धडकता रहा
2
काश तुम मुझे एक ख़त लिख देते,
मुझमे क्या - क्या थी कमी, ये तू बता देते!
ताड़ते दिल से मेरे तुमने नफरत क्यों की,
नफरत की ही मुझे कोई वजह तो बता देते!
3
मैंने सपनों को दूर होते हुए देखा है,
जो मिले नहीं उसे खोते हुए देखा है !
लोग कहते फूल सदा मुस्कराते है 
मैंने एकेले में फूलों को रोते हुए देखा है 
4
सामने ना हो तो तरसती है आँखे,
याद में तेरी बरसती है आँखे !
मेरे लिए नहीं इनके लिए ही आ जाओ 
आपका बेपनाह इंतज़ार करती है आँखें?

Happy New Year 2011

नया साल मुबारक हो -
1 :-बीत गए जो साल , भूल जाईये 
इस नए साल को गले लगाईये!
करते है हम दुआ रब से सर झुकाके ...
इस साल का सरे सपने पुरे हो आपके!
* नया साल मुबारक हो * 
2 :- शेर कभी छुपकर शिकार नहीं करते,
बुजदिल कभी खुलकर वार नहीं करते!
और हम ओ है जो 'Happy New Year' कहने के लिए,
एक तारीख का इन्तजार नहीं करते!
* नया साल मुबारक हो *
3 :-सबके  दिलों में हो सबके लिए प्यार,
आने वाला हर दिन लिए खुशियों का त्यौहार,
इस उम्मीद के साथ आवो  भूलके सारे गम
New Year 2011 को हम सब करें Welcome 

Written by: - Harish Chand V.

Friday, December 3, 2010

उन्हें मुस्कारना जो पसंद था हमारी बेव्कुफिओं पे
तो हम भी जान बुझकर बेवकूफियां करते गए,
फिर एक दिन ओ तनहा एकला छोड़ गए, हमें कह के की
'हरीश' तुम बेवकूफियां बहुत किया करते हो !

Prde na kijiye

Parda isliye na karo ki tum bahut khubsurat nahi
Utha do chehre se nakab hum kahte hai tum badsurat nahi
Meri hi gajal ho tum mere pyar ki dayri
Pal-pal gungunata hoon jise, tum ho meri wo shayri
Hum kahte hai ki parda karo to pura karo e
In nashili aankhon se hamko na ghura karo
Ham to mar mite hain tumhare hi pyar se
Hamko roka karo na yun bhare bazar main
Jab se hue hain unpe fida ek 'Harish'
Jab maja aata hai unke didar se.