Monday, March 21, 2011


धरती काहे  पुकारे 
की हम तुम चूरी से, बंधे एक डोरी से, जय्यो कहा हे  हजूर
अरे की  बंधन है प्यार का की हम तुम चूरी से बंधे एक डोरी से
जय्यो कहा से  
कजरा वाली फिर तू, ऐसे काहे निहारे...2
गीत पवन के गोरी, माने तो समझा जा रे 
मतलबवा एक है, एक है नैनन पुकार का 
की हम तुम से, बंधे एक डोरी से
जय्यो कहा ई हजूर ........2 
देखो बादल आये, पवन के पुकारे...2
उल्फत मेरी बीती, अनारी पिया हारे
आएगा रे मजा, रे मजा  ab जीत  हार का
की हम तुम  चूरी से बंधे  एक दूरी से
जय्यो कहा जी हजूर

हरीश
 


Saturday, March 19, 2011

holi

२०११ की होली धूम मचावे
आज न छोड़ेंगे बस हम चोली खेलेंगे हम होली
चाहे भीगे धानी चुनरिया रे छाहे भीगे रे चोली
खेलेंगे हम होली 

our home holi


Sunday, March 13, 2011

Holi 2011


होली में अब वो बात नहीं रही 
होली में अब वो बात नहीं रही 
होली का मतलब सिर्फ शराब पीकर खुर्दंगी काना रह गया है 
रंगों का त्यौहार होली का भारतीय समाज  में खास ही महत्व है 
लेकिन होली में मनचलों की बदती हुडदंगी 
 इस त्योहार का मजा ख़राब कर रही है 
और ज्यातर लोग इस त्यौहार से दूरी बढ़ने लगे है 
होली का मतलब है गिले शिकवें भूल कर 
दोस्तों से गले मिलने से है  

हरीश मासूम  


Saturday, March 12, 2011


ख्वाब

शीशी से बनी एक लड़की पत्थर के नगर में आई
और धुंद रही थी मोती और पत्थर से टकराई
शीशे से बनी ये लड़की इस बात से अनजानी
जब रेट चमकती है तो लगती है दूर से पानी
ये फूल है सब कागज़  के लेकिन वो समझ न पायी 
शीशे कीबनी एक लड़की पत्थर की नगर में आई
वो धुंध अहि थी मोती और पत्थर से टकराई
शीशे से बनी लड़की से कह दो की ना बाद में रोना
कुछलोग है जो पीतल के कहते है वो खुद को सोना
ये झूठ का पुल टूटेगा और घेरी है गम की खाई
शीशे की बनी एक लड़की पत्थर की नगर में आई
वो दूंध रही थी मोती और पत्थर से टकराई
हरीश  

Khamoshi


दिल कही तो होश कही
दिल कही होश कही रहता है आजकल
हर वक़्त  खफा- खफा रहती है आजकल
तुम छू लो तो ये यकीन आ जायेगा
की मुझमे भी कोई रहता है आजकल

खामोश थे हम मगरूर समझ लिया
चूप है हम तो मजबूर समझ लिया
यही आप की खुशनशिबी है,की हम कितने करीब है
फिर भी आप ने हमें दूर समझ लिया
हरीश मासूम



ख़ामोशी
कहना तो बहुत कुछ  चाहते थे उनको ...
मगर जुबान ने साथ नहीं दिया .....
कभी वक़्त की ख़ामोशी में खामश रहे हम .....
तो कभी उनकी ख़ामोशी ने कुछ कहने ना दिया ...
जब खामोश थी धडकने,
और दिल ने साथ ना दिया
तब नजरों की ख़ामोशी ने
 सब कुछ कह दिया
जिंदिगी लम्बी है दोस्त बनाते रहो 
दल मिले या ना मिले हाथ मिलते रहो 
दिल ना उनुमिद तो नहीं ना- काम ही तो है 
लम्बी है गम की श्याम, मगर श्याम ही तो है 

हरीश मासूम  

Thursday, March 10, 2011

yaaden

जब याद करते है आप को, वो वक़्त सुहाना होता है!
उठ जाती है कलम लिखने को वो प्यार दीवाना होता है!
कर देती है हाल ये दिल बयान शायराना होता है!
जब याद करते ही आप को वो वक़्त सुहाना होता है

रोज़ किसी  का  इंतज़ार होता है 
रोज ये दिल बेक़रार होता है 
कास के कोई समझ पाता
की चुप रहने वालों को भी किसी से प्यार होता है